
उत्पन्ना एकादशी का व्रत रखकर इस प्रकार से करें पूजन, छूमंतर हो जाएगें रोग
प्राचीन काल में ऋषि-महर्षियों को शरीर को निरोगी रखने का रहस्य पता था, इसलिए उन्होंने कुछ ऐसे विधान बनाए, जिनका पालन अगर मनुष्य श्रद्धा-विश्वास के साथ बिना तर्क, वितर्क, कुतर्क किए करे, तो ऐसे में उसे लाभ ही लाभ मिलना है। इन विधानों का पालन करने से कभी भी कोई नुकसान नहीं होता है। आज








