भारत में लड्डू का एक लंबा इतिहास है। ठंड में शरीर को गर्म रखने से लेकर पहलवानों की ताकत के पीछे यह सीक्रेट रहा है। भारत एक अकेला ऐसा देश है जहां कई तरह के लड्डू बनाकर खाए जाते हैं। मेहमानों को परोसने से लेकर बेवक्त लगने वाली भूख को शांत करने के लिए यह फेवरेट फूड है। हमारी दादी-नानी ऐसी-ऐसी सामग्रियों को मिलाकर लड्डू बनाती थी कि नाश्ते में एक खाने के बाद पूरे दिन पेट भरा रहता था।
घर में बने लड्डू स्वाद के अलावा पोषण का खजाना होते हैं। इन्हें बनाने के लिए बेसन, नारियल, रागी, बादाम, काजू, अखरोट, अलसी जैसे कई सारे सुपरफूड इस्तेमाल किए जाते हैं। इन्हें खाने से शरीर को सारे जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं। देसी लड़कों और लड़कियों की ताकत का स्त्रोत अभी भी इन्हीं लड्डू को कह सकते हैं। शरीर के कुपोषण, कमजोरी, स्टेमिना की कमी और मांस की कमी को दूर करने के लिए 5 लड्डू खा सकते हैं।
बेसन का लड्डू
हल्के-हल्के मीठे बेसन के लड्डू कई सारे फायदे देते हैं। क्योंकि चनों से बना बेसन विटामिन और मिनरल्स का खजाना होता है। एनसीबीआई पर मौजूद शोध भी कहता है कि चनों में एंटीऑक्सीडेंट, कार्ब्स, फाइबर, डाइटरी प्रोटीन, पेपटाइड होते हैं। यह हाइपरटेंशन, डायबिटीज, कैंसर, मोटापा, कार्डियोवैस्कुलर डिजीज से बचाकर हेल्दी रखते हैं।
खजूर-अंजीर का लड्डू
स्टेमिना बढ़ाने के लिए यह लड्डू परफेक्ट है। खजूर और अंजीर दोनों ही नेचुरल शुगर के सोर्स हैं। इनमें फाइबर, प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट्स भरे हुए हैं। अगर आपको कब्ज या पेट का कोई रोग है तो इनका सेवन लाभदायक साबित हो सकता है।
नारियल का लड्डू
प्रदूषण से शरीर, सेल्स, बाल और स्किन को बचाने के लिए नारियल के लड्डू खाएं। इसमें आपको अच्छा खासा फाइबर मिल जाएगा। जो गंदे कोलेस्ट्रॉल और ग्लूकोज को ज्यादा बढ़ने नहीं देता। इसे खाकर इंफेक्शन से लड़ने वाली इम्यूनिटी को भी बढ़ाया जा सकता है।
आटे का लड्डू
आटा का लड्डू एक पूरी मील की तरह है। अगर आपके पास टाइम की कमी है तो एक गिलास गुनगुने दूध के साथ आटे का एक लड्डू खा लें। यह शरीर को गर्म रखता है। फाइबर देता है और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने का काम करता है।
गोंद के लड्डू
गोंद के लड्डू की तासीर काफी गर्म होती है। इसलिए सबसे ज्यादा इन्हें सर्दियों में खाया जाता है। यह आपके डायजेशन के लिए अच्छे होते हैं। हड्डियों और नसों में जान भरते हैं। जोड़ों के दर्द से परेशान लोगों को इनका सेवन जरूर करना चाहिए।
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