राजस्व विभाग के ओहदे पर बैठे अधिकारी द्वारा प्रशासनिक हलकों में अपना नंबर बढ़ाने का एक अजीबो गरीब मामला खंडवा में सामने आया है। जहां मानवता को तार-तार करने वाला अमानवीय चेहरा सार्वजनिक हो गया। हर माह होने वाली सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा के चलते अधिकारी बेबस और लाचार ग्रामीणों पर कहर ढा रहे हैं। एक प्रशासनिक अधिकारी ने सीएम हेल्प लाइन में शिकायत वापस नहीं लेने वाले युवक को सलाखों के पीछे भेज दिया।शुक्रवार को तहसील कार्यालय में ग्राम रोहणी निवासी 70 बुजुर्ग गीता बाई पत्नी भगवानसिंह अपने पोते शुभम के साथ पहुंचीं। नायब तहसीलदार माला राय की कोर्ट में दादी और पोता पेश हुए।दादी का कहना है कि उसे नायब तहसीलदार राय ने कहा कि तुमने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत क्यों की। उसे वापस लो। उसने कहा कि आधार अपडेट नहीं होने से दो साल से किसान कल्याण योजना की किश्त नहीं मिल रही है। आधार अपडेट हो जाएगा तो शिकायत वापस ले लेंगे। पोते ने भी यह बात कही थी। इस पर नाराज नायब तहसीलदार ने धमकाते हुए कहा कि शिकायत वापस लो नहीं तो जेल भेज देंगे। उन्होंने शिकायत वापस लेने से मना कर दिया। इस पर शुभम को जेल भेज दिया।

गीताबाई को मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की दो किश्त मिली थी। इसके बाद किश्त आना बंद हो गई। उन्हें करीब दाे साल से किश्त नहीं मिल रही है। नाती सुनील ने बताया कि किश्त को लेकर पटवारी से पता किया तो उन्होंने कहा कि केवायसी करवाना होगी। आधार अपडेट करवा लो, इसके बाद किश्त मिलने लग जाएगी। इसके बाद से नानी आधार केंद्र पर चक्कर लगा रही है। वहां कहा जाता है कि अंगूठे का निशान नहीं आ रहा है। इससे आधार अपडेट नहीं हो सकेगा। इसे लेकर सभी जगह भटके लिए लेकिन कहीं भी काम नहीं हुआ।सीएम हेल्प लाइन में शिकायत के चलते गीताबाई को बुलाया था। गीता बाई मुझसे नहीं मिलीं वह बाहर ही थीं। महिला मुझसे मिलती ताे विवाद ही नहीं होता। केवल पोता शुभम तहसील कोर्ट में आया था। उसे केवायसी में आधार अपडेट के संबंध में जानकारी दी गई, लेकिन वह विवाद करने लगा। कोर्ट में बाबू से भी वाद-विवाद करने लगा। इसके चलते उस पर धारा 151 में कार्रवाई कर जेल भेज दिया। सीएम हेल्प लाइन में शिकायत वापस लेने के लिए दबाव डालने वाली जैसी कोई बात नहीं है। उनका आरोप निराधार है।











