क्या खाएं और क्या नहीं? इस डाइट पर मान्यता।

हम क्या खाते हैं और क्या नहीं, यह दोनों ही बातें हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि हमारी डाइट ही हमारे स्वास्थ्य का भविष्य तय करती है। इस आर्टिकल में हम बात करेंगे हमारे पाचन तंत्र के स्वास्थ्य की। आज के समय में लोगों में कब्ज और गैस जैसी पेट की समस्याएं काफी अधिक देखने को मिलती है। पेट की समस्या अक्सर तभी होती है, जब हम कुछ ऐसा खा लेते हैं, जिसे पचाना मुश्किल हो जाता है।इसलिए, हमेशा सही आहार के सेवन की सलाह ही दी जाती है ताकि हम और हमारा पाचन तंत्र दोनों स्वस्थ रहें।

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डायबिटीज एंड डाइजेस्टिव एंड किडनी डिजीज के अनुसार पाचन संबंधी समस्याओं से बचने के लिए डॉक्टर आपको ऐसी डाइट की सलाह दे सकते हैं, जिनमें कार्बोहाइड्रेट कम होते हैं। लो FODMAP डाइट भी कुछ ऐसी है। यह आपके पेट संबंधी समस्याओं से जुड़े लक्षणों को कम करती है। इस आर्टिकल में डाइजेस्टिव हेल्थ के लिए जानेंगे लो FODMAP डाइट के बारे में।

FODMAP डाइट क्या है?

डाइजेस्टिव हेल्थ के लिए यह डाइट कैसे अच्छी है, इससे पहले जान लेते हैं कि FODMAP डाइट है क्या। FODMAP का अर्थ है फर्मेंटेबल, ओलिगो, डाय मोनो-सैकराइडस और पॉलीओल्स।FODMAP कार्बोहाइड्रेट का एक ग्रुप है जिसे पचाना मुश्किल होता है। इसलिए हमेशा लो FODMAP डाइट की सलाह दी जाती है, ताकि आप गैस और ब्लोटिंग की समस्या से बच सकें।

लो FODMAP डाइट इन लोगों के फायदेमंद है

डाइट उन के लिए है, जिन्हें डाइजेस्टिव हेल्थ संबंधित समस्या है और उनका स्वास्थ्य सही नहीं रहता है, जैसे कि इर्रिटेबल बॉवेल सिंड्रोम। कब्ज से परेशान लोगों को इस डाइट से काफी आराम मिलता है। लेकिन डॉक्टर की सलाह के बिना इसका पालन नहीं करना चाहिए। इस डाइट में क्या आपको क्या खाना है और क्या नहीं। यह डॉक्टर आपकी शारीरिक स्थिति को देखते हुए तय करेंगे।

खाद्य पदार्थ जो लो FODMAP की श्रेणी में आते हैं

कुछ फल, सब्जियां और खाद्य पदार्थ हैं, जो FODMAP डाइट में आते हैं, जैसे कि मीट, मछली, अंडे, तेल से मिलने वाले गुड फैटस वाले ऑयल, अधिकतर हर्ब्स और मसाले, मेवे और सीड्स में बादाम, मूंगफली, तिल के बीज, फलों में फल, कच्चे केले, ब्लूबेरी, ग्रेपफ्रूट, अंगूर, नींबू, कीवी, संतरे और स्ट्रॉबेरी ले सकते हैं। डेयरी उत्पाद में लैक्टोज फ्री डेयरी जैसे जैसे पनीर आदि। सब्जियों में गाजर, खीरा, बैंगन, अदरक, हरी बीन्स, केल, सलाद, जैतून, आलू, अनाज, चावल और क्विनोआ आदि का सेवन कर सकते हैं।

इन हाई FODMAP का सेवन करें

हाई का कम सेवन करना चाहिए, जिनमें शामिल है, फल, सेब, खुबानी, ब्लैकबेरी, चेरी, खजूर, अंजीर, नाशपाती, आड़ू, हाय फ्रुक्टोज कॉर्न सिरप, मेनिटोल, माल्टीटोल, सोर्बिटोल। डेयरी उत्पाद में दूध, आइस क्रीम और दही आदि। सब्जियों में ब्रोकली, चुकंदर, स्प्राउट्स, गोभी, लहसुन, मेथी, मशरूम, मटर का कम सेवन करें।

FODMAP डाइट कैसे फॉलो करें

इसे लो थ्व्क्ड।च् डाइट में तीन स्टेप्स शामिल होते हैं, रिस्ट्रिक्शन, रीइंट्रोडक्शन और पर्सनलायजेशन। रिस्ट्रिक्शन के अंतर्गत आपको 6 से 8 हफ्तों तक कुछ खास खाद्य पदार्थों को खाना बंद करना होगा और यह देखना होगा कि पाचन तंत्र की समस्या के लक्षण सुधार आता है कि नहीं। रीइंट्रोडक्शन में जब एक बार आपके पेट को आराम मिल जाए तो आप इन्हीं चीजों को हर हफ्ते आप थोड़ा-थोड़ा कर के अपने आहार में शामिल करेंगे। पर्सनलाइजेशन में अन्य लोगों की तुलना में आपका पाचन तंत्र हो सकता है कुछ कार्ब्स को ठीक से न पचा पाए। ऐसे में इस बात का ध्यान रखना होगा कि कौन सा खाद्य पदार्थ आपके डाइजेस्टिव सिस्टम की समस्या को बढ़ाता है। लेकिन, इसमें भी डॉक्टर और डाइटिशियन की सलाह जरूरी है।


Warning: Attempt to read property "display_name" on bool in /home/u300579020/domains/padmavatiexpress.com/public_html/wp-content/plugins/userswp/widgets/authorbox.php on line 147

Warning: Attempt to read property "ID" on bool in /home/u300579020/domains/padmavatiexpress.com/public_html/wp-content/plugins/userswp/widgets/authorbox.php on line 148

Warning: Attempt to read property "user_nicename" on bool in /home/u300579020/domains/padmavatiexpress.com/public_html/wp-content/plugins/userswp/widgets/authorbox.php on line 169

Warning: Attempt to read property "user_registered" on bool in /home/u300579020/domains/padmavatiexpress.com/public_html/wp-content/plugins/userswp/widgets/authorbox.php on line 170

Warning: Attempt to read property "user_url" on bool in /home/u300579020/domains/padmavatiexpress.com/public_html/wp-content/plugins/userswp/widgets/authorbox.php on line 171
Author:

यह भी पढ़ें