उत्तरी तमिलनाडु में भारी बारिश की संभावना, मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट

चेन्नई
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) ने 27 और 28 नवंबर को राज्य की राजधानी चेन्नई सहित उत्तरी तमिलनाडु के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, यह वर्षा बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्व में बने निम्न दबाव के कारण होगी।
मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस मौसम प्रणाली के शनिवार को विकसित होने की संभावना है और अगले दो दिनों में यह डिप्रेशन में बदल सकती है, जिससे भारी बारिश होने की संभावना बन रही है।

आरएमसी ने स्पष्ट किया कि इस मौसम के चक्रवाती तूफान में विकसित होने की उम्मीद नहीं है। विभाग के बयान में कहा गया है कि थोड़े समय के सूखे के बाद उत्तरी तमिलनाडु में बारिश वापस आ रही है। पूर्वानुमान में 27 और 28 नवंबर को 24 घंटों के भीतर 6 से 12 सेमी बारिश की भविष्यवाणी की गई है। 26 नवंबर को कांचीपुरम और चेंगलपट्टू में भारी बारिश की उम्मीद है, इसके बाद 27 और 28 नवंबर को पूरे उत्तरी तमिलनाडु में व्यापक रूप से भारी बारिश होगी। कुड्डालोर और रामनाथपुरम जिलों में भी 27 नवंबर को भारी बारिश होगी, जिससे इन क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

आरएमसी ने 26 नवंबर को तमिलनाडु के छह जिलों और कराईकल क्षेत्र में ऑरेंज अलर्ट और चार जिलों और पुडुचेरी के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विल्लुपुरम और मयिलादुथुराई जिले 26 नवंबर के लिए ऑरेंज अलर्ट पर हैं, जबकि तिरुवल्लूर से नागपट्टिनम सहित 10 जिले भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट पर हैं।

पूर्वोत्तर मानसून की शुरुआत के बाद से, चेन्नई में 55 सेमी बारिश दर्ज की गई है, जो 2 प्रतिशत की मामूली कमी को दिखाता है। पूरे तमिलनाडु में 33 सेमी बारिश हुई है, जो औसत से 5 प्रतिशत अधिक है। मौसम अधिकारियों ने कहा कि 27 और 28 नवंबर को चेन्नई में भारी बारिश से बारिश की कमी दूर हो सकती है और शहर में सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है। हालांकि, तमिलनाडु के डेल्टा जिलों में भारी बारिश सांबा धान किसानों के बीच चिंता का विषय है।

वहीं मयिलादुथुराई, तंजावुर, तिरुवरुर और नागपट्टिनम जिलों में भारी बारिश हो रही है, जिससे गंभीर बाढ़ और जल जमाव हो रहा है। पिछले दो दिनों में सेम्बनारकोइल, मयिलादुथुराई में 68 मिमी बारिश दर्ज की गई।

तिरुवरुर जिले में, नन्निलम में 59 मिमी और नीदमंगलम में 47.7 मिमी बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश और जलभराव से इन जिलों में सांबा की फसलों को भारी नुकसान होने की संभावना है, जहां बड़े क्षेत्रों में धान की खेती की जाती है। वहीं तमिलनाडु में 17 अक्टूबर को मानसून शुरू होने के बाद से लगातार बारिश हो रही है। राज्य भर में लगभग 90 जलाशय 60 प्रतिशत से अधिक भरे हुए हैं।

जलाशयों में वर्तमान में 143.804 टीएमसीएफटी (हजार मिलियन क्यूबिक फीट) पानी है, जो उनकी कुल क्षमता 224.297 टीएमसीएफटी का 64.11 प्रतिशत है। यह पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में महत्वपूर्ण सुधार दर्शाता है जब भंडारण स्तर 79.514 टीएमसीएफटी (35.58 प्रतिशत) था।

महत्वपूर्ण जल स्रोत मेट्टूर जलाशय का भंडारण स्तर 62,140 टीएमसीएफटी है, जो 2023 की तुलना में 384 प्रतिशत अधिक है। इसी तरह भवानीसागर जलाशय में 21,141 टीएमसीएफटी दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 210 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

 


Warning: Attempt to read property "display_name" on bool in /home/u300579020/domains/padmavatiexpress.com/public_html/wp-content/plugins/userswp/widgets/authorbox.php on line 147

Warning: Attempt to read property "ID" on bool in /home/u300579020/domains/padmavatiexpress.com/public_html/wp-content/plugins/userswp/widgets/authorbox.php on line 148

Warning: Attempt to read property "user_nicename" on bool in /home/u300579020/domains/padmavatiexpress.com/public_html/wp-content/plugins/userswp/widgets/authorbox.php on line 169

Warning: Attempt to read property "user_registered" on bool in /home/u300579020/domains/padmavatiexpress.com/public_html/wp-content/plugins/userswp/widgets/authorbox.php on line 170

Warning: Attempt to read property "user_url" on bool in /home/u300579020/domains/padmavatiexpress.com/public_html/wp-content/plugins/userswp/widgets/authorbox.php on line 171
Author:

यह भी पढ़ें