अब ऑनलाइन लीजिए टिकट और चांदनी में निहारिए ताज, महीने में पांच दिन मिलेगी सुविधा

आगरा। ताजनगरी आगरा में दुनिया के अजूबे ताजमहल को चांदनी रात में निहारने के लिए ऑनलाइन टिकट सुविधा सोमवार से शुरू हो गई है। टिकट के लिए अब माल रोड स्थित भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) कार्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पहले रात्रि में ताज देखने से एक दिन पहले सिर्फ ऑफलाइन टिकट लेना पड़ता था। इस कारण से बड़ी संख्या में सैलानी चांदनी रात में ताज का दीदार नहीं कर पाते थे।
अधीक्षण पुरातत्वविद राजकुमार पटेल ने बताया कि ऑनलाइन टिकट उपलब्ध हैं। मंगलवार को इसकी सूचना आगरा सर्किल, एएसआई व अन्य वेबसाइट पर भी उपलब्ध करा दी जाएगी। रात्रि में ताज देखने को महीने में सिर्फ पूर्णिमा, पूर्णिमा से दो दिन पहले और दो दिन बाद कुल पांच दिन होंगे। रात 8:30 से 12:30 बजे आठ बैच में 50-50 पर्यटकों के समूह में अधिकतम 400 लोग एक दिन में ताजमहल देख सकेंगे। प्रत्येक ग्रुप को 30 मिनट का समय मिलेगा।
उन्होंने बताया कि भारतीय पर्यटक के लिए रात्रि में ताज देखने का टिकट 510 रुपये, विदेशी पर्यटक के लिए 750 रुपये और तीन से 15 साल तक बच्चों के लिए 500 रुपये का टिकट मूल्य है। प्रत्येक शुक्रवार, रमजान और विशेष अवसर पर ताज बंदी के दौरान रात्रि में ताज नहीं देख पाएंगे।
नाइट कल्चर होगा विकसित
रात्रि में ताज देखने को ऑनलाइन टिकट शुरू होने से शहर में नाइट कल्चर को बढ़ावा मिलेगा। रात में पर्यटक रुकेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने नाइट विजिट के लिए 24 ऑनलाइन टिकट की व्यवस्था के निर्देश दिए थे।
1.56 करोड़ पर्यटक आए, नाइट विजिट 32 हजार ही कर पाए
पिछले पांच साल में ताजमहल का दीदार करने के लिए 1.56 करोड़ पर्यटक आगरा आए। इनमें से महज 32 हजार ही रात्रि में ताज देख पाए। कुल आए पर्यटकों की तुलना में 0.2 फीसदी ही। यह खुलासा जनसूचना अधिकार (आरटीआई) से हुआ है।
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता केसी जैन ने आरटीआई के तहत 2018 से 2023 तक पांच साल में आए पर्यटक व रात्रि में ताज देखने वालों की सूचना मांगी थी। एएसआई ने आरटीआई में यह जानकारी दी। केसी जैन ने बताया कि प्रतिदिन 400 पर्यटक रात्रि में ताज देख सकते हैं।
इस तरह पांच दिन में दो हजार और एक साल में करीब 20 हजार पर्यटक रात्रि में ताज देखने के लिए आने चाहिए। पिछले पांच साल में यह आंकड़ा एक लाख होना चाहिए था। जबकि महज 32,628 पर्यटकों ने चांदनी रात में ताज को निहारा। इसकी एक मुख्य वजह ऑनलाइन टिकट सुविधा न होना था।
पहले सिर्फ ऑफलाइन टिकट मिलता था
पर्यटक को रात्रि में ताज देखने के लिए एक दिन पहले ऑफलाइन टिकट लेना पड़ता था। इसके लिए उसे दो दिन में शहर में रुकना पड़ता था। अब ऑनलाइन टिकट शुरू होने से 24 घंटे पर्यटकों के लिए सुविधा उपलब्ध रहेगी। इससे रात्रि प्रवास और ताज में रात्रि में ताज देखने वालों की संख्या बढ़ सकती है।

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