उज्जैन। उज्जैन के महाकाल एरिया में अंधाधुंध खुले कुकुरमुत्ते जैसे कमरेनुमा होटल और गेस्ट हाऊसों पर नगर निगम के बाद पुलिस ने भी शिकंजा कसा है। कलेक्टर ने जहां कमरों की लिस्ट टांगने के निर्देश दिए हैं, वहीं 15 दिन में नगर निगम से फायर एनओसी लेना भी अनिवार्य है। इसी तरह पुलिस द्वारा भी महाकाल क्षेत्र के हर होटल लॉज में रुकने वाले व्यक्ति की जानकारी तलब कर थाने मंगवाई जा रही है।
इंदौर गेट के होटल कलश में यात्रियों के साथ हुई लूट और महाकाल में यात्रियों के साथ दर्शनों के नाम पर और भस्म आरती परमिशन के नाम पर हो रही ठगी और सुरक्षा की दृष्टि से अब पुलिस ने महाकाल क्षेत्र की सभी होटलों धर्मशाला और यात्री गृहों को सख्त निर्देश दिए हैं कि होटल संचालक प्रतिदिन सुबह हर रोज की होटल की जानकारी रजिस्टर सहित थाने पर लाकर उसकी एंट्री सुबह थाने पर कराई जाएगी। साथ ही एक फोटो कॉपी भी लाई जाएगी, जो होटल के रजिस्टर में यात्री के रुकने की एंट्री दर्ज है। उसकी होटल संचालक को थाने पर पूरी जानकारी देना होगी। यात्री कहां से आया था, कब आया था, कितने यात्री थे और कब होटल खाली कर कर गए। सभी होटल संचालकों की सूची महाकाल थाने पर बना ली गई है।
प्रतिदिन सुबह आठ बजे से इंट्री करने के लिए एक प्रधान आरक्षक की ड्यूटी भी लगाई गई है, जिसके द्वारा समस्त जानकारी दर्जकर हर दिन अधिकारियों को कंट्रोल रूम भेजी जा रही है। महाकाल थाने पर होटलों में रुके यात्रियों के एंट्री करने वाले प्रधान आरक्षक ने बताया कि प्रतिदिन सुबह आठ से 11 बजे तक एंट्री का टाइम है। इस दौरान 400 से 500 यात्रियों की सूची प्रतिदिन पहुंच रही है। होटल संचालक जानकारी नहीं देता उसे फोन लगाया जाता है, एक बार के बाद लापरवाही की जाती है तो उस पर चालानी कार्रवाई की जाती है। इधर, पुलिस की सख्ती के बाद होटल वाले लाइन पर आ गए हैं। अब हर दिन की पूरी जानकारी थाने पर दे रहे हैं और प्रतिदिन का रजिस्टर भी ले जाकर दिखा रहे हैं।











