हांगझोउ
सविता पूनिया की अगुवाई वाली भारतीय महिला हॉकी टीम ने बुधवार को संगीता कुमारी की हैट्रिक और साथी खिलाड़ियो के शानदार खेल की बदौलत सिंगापुर को 13-0 से हरा दिया है।
चीन में चल रहे 19वें एशियाई खेलों में पूल ए में भारत बनाम सिंगापुर महिला हॉकी मुकाबले में संगीता ने 23वे, 53वें, 47वें मिनट में तीन गोल किये जबकि नवनीत कौर ने 14वें मिनट में लगातार दो गोल दागे।
भारतीय टीम ने पहले क्वार्टर में ही बैक-टू-बैक पांच गोल कर सिंगापुर की टीम को दबाव में ला दिया। खेल के पहले 15 मिनट में भारतीय खिलाड़ी नवनीत कौर ने लगातार दो गोल किए, जिसके बाद भारत की बढ़त 5-0 होगी।
नवनीत कौर के अलावा खेल के पहले क्वार्टर में उदिता, सुशीला चानू और दीपिका ने भी 1-1 गोल अपने नाम किए।
दूसरे क्वार्टर भी भारतीय टीम ने तीन और गोल कर मैच में बड़ी बढ़त हासिल कर ली। इस दौरान भारत की ओर से दीप ग्रेस एक्का और नेहा ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील किया तो वहीं संगीता कुमारी ने फील्ड गोल किया। इस तरह पहले हाफ की समाप्ति पर भारतीय महिला टीम ने 8-0 से अपनी बढ़त बरकरार रखी।
दूसरे हाफ में भी सविता पूनिया एंड कंपनी बेहतरीन फॉर्म में नज़र आई और तीसरे क्वार्टर में एक और गोल किया। इस बार सलीमा टेटे ने मुकाबले के 35वें मिनट में बेहतरीन फील्ड गोल किया। इस बीच मुकाबले के 47वें मिनट में भारत की संगीता कुमारी ने एक पेनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील कर भारत की बढ़त को दहाई आंकड़े तक पहुंचा दिया।
भारत की मोनिका ने 52वें मिनट में तो 53वें मिनट में संगीता कुमारी ने विपक्षी गोलकीपर को चकमा देते हुए बेहतरीन गोल किया। इस गोल के साथ भारतीय महिला टीम ने मैच के आख़िर तक 13-0 से अपनी बढ़त बरकरार रखी। भारत का अब अगला मुकाबला 29 सितंबर को मलेशिया से होगा।
विष्णु सरवनन को कांस्य, पाल नौकायन में भारत को एक रजत और दो कांस्य
निंगबो
विष्णु सरवनन ने एशियाई खेलों में बुधवार को पुरूषों की डिंगी आईएलसीए 7 स्पर्धा में भारत को पहला कांस्य पदक दिलाया।
तोक्यो ओलंपिक खेल चुके विष्णु ने 11 रेस की स्पर्धा में 34 नेट स्कोर बनाया।
वह एक अंक से रजत पदक से चूक गए। दक्षिण कोरिया के जीमिन एचए ने 33 अंक के साथ रजत पदक हासिल किया। वहीं सिंगापुर के जुन हान रियान लो ने 26 स्कोर के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया।
पाल नौकायन में सभी रेस के सबसे खराब स्कोर को कुल अंकों में से घटाकर नेट स्कोर निकाला जाता है। सबसे कम नेट स्कोर वाला विजयी रहता है।
विष्णु का कुल स्कोर 48 था और उसकी सबसे खराब रेस आठवीं थी जब वह रिटायर हो गया था। उसके स्कोर से 14 अंक घटाये गए।
हवा का बहाव कम रहने के कारण भारत महिलाओं के एकल डिंगी आईएलसीए 6 में पदक नहीं जीत सका और नेत्रा कुमानन को चौथे स्थान से ही संतोष करना पड़ा। इस वर्ग की आखिरी रेस रद्द करनी पड़ी। नेत्रा (41 नेट अंक) सिंगापुर की जिंग हुआ विक्टोरिया चान (38) से तीन अंक पीछे थी।
भारतीय पाल नौकायन खिलाड़ियों ने 2018 में जकार्ता खेलों में भी एक रजत और दो कांस्य जीते थे।
नेहा ठाकुर ने कल रजत और इबाद अली ने कांस्य पदक जीता था।
भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों की नजरें एशियाई खेलों में पहले स्वर्ण पर
हांगझोउ
पिछले कुछ समय में अप्रत्याशित सफलता हासिल करने वाले भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों की नजरें यहां एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर लगी होंगी। भारतीय खिलाड़ियों की बैडमिंटन की स्पर्धायें बृहस्पतिवार से शुरू होंगी।
भारत ने एशियाई खेलों में अब तक बैडमिंटन में दस पदक जीते हैं जिनमें पुरूषों की व्यक्तिगत स्पर्धा के तीन, पुरूषों की टीम स्पर्धा के तीन, महिलाओं की टीम स्पर्धा के दो और पुरूष युगल तथा मिश्रित युगल का एक एक पदक शामिल है।
भारत ने 1986 में सियोल एशियाई खेलों के बाद से पुरूषों की टीम स्पर्धा में कोई पदक नहीं जीता है। थॉमस कप चैम्पियन भारतीय टीम के पास हालांकि इस बार सुनहरा मौका है।
टीम में एच एस प्रणय, लक्ष्य सेन, सात्विक साइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी हें जो अच्छे फॉर्म में चल रहे हैं। वैसे एशियाई खेलों में चीन, कोरिया, जापान, मलेशिया और इंडोनेशिया जैसे दिग्गजों के रहते यह आसान नहीं होगा।
लक्ष्य सेन ने कहा, ‘‘टीम अच्छी है। इसी टीम ने थॉमस कप जीता था लिहाजा हम विश्व चैम्पियन के रूप में जा रहे हैं। हम दुनिया की किसी भी टीम को हरा सकते हैं और हमें हराना आसान नहीं होगा।''
दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पी वी सिंधू ने जकार्ता में चार साल पहले रजत पदक जीता था। उनके अलावा साइना नेहवाल ने कांस्य पदक जीता। पुरूष एकल में एकमात्र कांस्य सैयद मोदी ने जीता था।
पिछले कुछ समय में भारतीयों के प्रदर्शन को देखते हुए उनसे काफी उम्मीदें हैं। विश्व चैम्पियनशिप कांस्य पदक विजेता एच एस प्रणय और राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता सात्विक साइराज और चिराग पदक के दावेदारों में होंगे।
सिंधू ने हमेशा बड़े टूर्नामेंटों में अच्छा प्रदर्शन किया है लेकिन पिछले साल एड़ी के आपरेशन के बाद उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। वह इस सत्र में कम से कम दस टूर्नामेंटों में शुरूआती दौर से ही बाहर हो गई। अप्रैल में स्पेन मास्टर्स में ही फाइनल तक पहुंच सकी थी।
भारतीय महिला टीम में गायत्री गोपीचंद और त्रिसा जॉली युगल में होंगे जबकि सिंधू के साथ अष्मिता चालिहा, अनुपमा उपाध्याय और मालविका बंसोड जैसे युवा खिलाड़ी हैं जिनका सामना अन सी यंग, ताइ जू यिंग और अकाने यामागुची जैसे धुंरधरों से होगा।
भारतीय तलवारबाज पुरूषों के फॉइल टीम स्पर्धा में हारे
हांगझोउ
भारतीय तलवारबाज एशियाई खेलों में बुधवार को पुरूषों के टीम फॉइल वर्ग में अंतिम 16 में सिंगापुर से 30.45 से हारकर बाहर हो गए। भारतीय टीम आखिरी दौर में एक ही जीत दर्ज कर सकी जब बिबिश कातिरेसन ने कीरेन लॉक को 6.5 से हराया।
देव को कीरेन ने 5.2 से मात दी। इसके बाद कातिरेसन को रफाएल जुआन कांग तान ने हराया जबकि अर्जुन को एलिजा रॉबसन सैमुअल ने शिकस्त दी। देव को तान ने 5.1 से दूसरे मैच में भी हराया। अर्जुन को कीरेन ने 5.3 से और कातिरेसन को सैमुअल ने 3.2 से हराया। आकाश और देव ने अगले दो मुकाबले ड्रॉ खेले। कातिरेसन ने एकमात्र मुकाबला जीता।
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