नई दिल्ली/बांगलादेश।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी स्थापना के 150वें वर्ष का जश्न मनाएगा। ऐसे में, भारत ने पाकिस्तान और बांग्लादेश समेत अन्य पड़ोसी देशों को 'अविभाजित भारत' सेमिनार में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है। हालांकि, अब जानकारी सामने आ रही है कि बांग्लादेश से कोई अधिकारी इस सेमिनार में भाग नहीं लेगा।
उसने सरकारी खर्च पर गैर-जरूरी विदेश यात्रा पर प्रतिबंध का हवाला दिया है। बांगलादेश मौसम विभाग (बीएमडी) के कार्यवाहक निदेशक मोमिनुल इस्लाम ने कहा कि उन्हें भारतीय मौसम विभाग से 150वीं वर्षगांठ समारोह का आमंत्रण करीब एक महीने पहले मिला था। उन्होंने कहा कि हमारे बीच अच्छे रिश्ते हैं और हम उनके साथ लगातार सहयोग करते हैं। हालांकि, हम इस समारोह में शामिल नहीं हो रहे हैं क्योंकि सरकार द्वारा वित्तपोषित अनावश्यक विदेशी यात्राओं को सीमित करने का दायित्व है।
पिछले साल हुई थी मुलाकात
इस्लाम ने बताया कि नियमित रूप से दोनों एजेंसियों के बीच संपर्क रहता है। हाल ही में हम 20 दिसंबर 2024 को एक बैठक के दौरान भारतीय मौसम विज्ञानी से मिले थे। आईएमडी ने कई पड़ोसी देशों पाकिस्तान, अफगानिस्तान, म्यांमार, भूटान, नेपाल, श्रीलंका और मालदीव के साथ-साथ मध्य पूर्व और दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों को भी इस समारोह में आमंत्रित किया था। आईएमडी के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया, पाकिस्तान ने अपनी भागीदारी की पुष्टि कर दी है। वह कार्यक्रम में भाग लेगा।
1875 में हुई भारत मौसम विज्ञान विभाग की स्थापना
भारत मौसम विज्ञान विभाग की स्थापना 15 जनवरी, 1875 को हुई थी। हालांकि इसके पहले भी ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी मौसम विभाग की स्थापना की गई थी। कोलकाता मौसम विज्ञान विभाग 1785 में शुरू हुआ था। मद्रास (आधुनिक चेन्नई) 1796 में और बॉम्बे (आधुनिक मुंबई) में 1826 में मौसम विभाग की स्थापना हुई थी।
IMD की जिम्मेदारी
भारत मौसम विज्ञान विभाग की जिम्मेदारी आम जीवन और संपत्ति की सुरक्षा के लिए मौसम और जलवायु संबंधित डेटा, जानकारी व पूर्वानुमान को आम लोगों और संबंधित एजेंसियों के साथ नियमित तौर पर जानकारी साझा करना है। एक तरह से कहें तो इस संस्था का राष्ट्र के विकास में अमूल्य योगदान है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के प्रभाग
भारत मौसम विज्ञान विभाग के काम का दायरा काफी विस्तृत है। बेहतर कार्य संचालन और समन्वय के लिए के लिए इसे कई प्रभागों में बांटा गया है। सभी प्रभागों की अपनी-अपनी जिम्मेदारी है। इन प्रभागों के अलावा किसी बड़े आयोजन या मौसम संबंधी बदलाव या समस्याओं को ध्यान में रखकर विशेष प्रभागों को स्थापित किया जाता है।
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