भोपाल
मध्यप्रदेश सरकार की प्राथमिकता में युवा वर्ग सदा ही रहा है। सरकार युवाओं को खेल खिलाड़ी और मैदान के जरिए भी अग्रसर बनाने का काम कर रही है। राज्य सरकार ने खेल के माध्यम से युवाओं को सम्मान के साथ नौकरी देने का भी काम किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 18 दिसंबर 2024 को मध्यप्रदेश की खेल प्रतिभाओं का सम्मान कर खिलाड़ियों को 25.389 करोड़ की राशि वितरित की। इसके पहले 2 अक्टूबर 2024 को 18 विक्रम अवार्ड प्राप्त खिलाड़ियों को शासकीय सेवा के नियुक्ति पत्र प्रदान किये गये।
मध्यप्रदेश सरकार विभिन्न आयामों पर काम कर रही है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के खिलाड़ियों को प्रोत्साहन के लिए आवश्यक संसाधन एवं अधोसंरचना उपलब्ध करा रही है। इसी का परिणाम है कि 2 जनवरी 2025 को मध्यप्रदेश के पैरालंपिक खिलाड़ी श्री कपिल परमार और सुश्री रुबीना फ्रांसिस को अर्जुन अवार्ड देने की घोषणा भारत सरकार ने की। दोनों खिलाड़ियों ने प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाया है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा 17 जनवरी 2025 को राष्ट्रपति भवन में दोनों खिलाड़ियों को खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय खेल पुरस्कार अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा।
युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सभी शासकीय विभागों में लगभग एक लाख पदों पर भर्ती की जा रही है। आगामी 5 वर्ष में ढाई लाख सरकारी नौकरियाँ उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। पदों की भर्ती के लिये हर साल सरकारी परीक्षा कैलेण्डर जारी करने का निर्णय लिया गया है। अभी तक सरकारी नौकरियों के लिये चयनित लगभग 11 हजार अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र सौंपे गये हैं।
भारत सरकार के पीएलएफ सर्वे में मध्यप्रदेश ने सबसे कम बेरोजगारी दर दर्ज की है। स्टार्ट-अप को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों में सहभागिता के लिये 50 हजार से लेकर डेढ़ लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। राज्य स्तरीय रोजगार दिवस के अवसर पर रिकॉर्ड 7 लाख युवाओं को 5 हजार करोड़ का स्व-रोजगार ऋण वितरित किया गया। मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना के तहत वर्ष 2024 में लगभग 20 हजार चयनितों को करीब 41 करोड़ रुपये स्टायपेंड वितरित किया गया। प्रदेश में 600 से अधिक रोजगार मेले हुए, इसमें 61 हजार से ज्यादा आवेदकों को निजी क्षेत्र में नियुक्ति-पत्र प्रदाय किये गये। प्रतियोगी परीक्षाओं के शुल्क का भुगतान भी राज्य सरकार द्वारा किये जाने का निर्णय लिया गया है।
राज्य सरकार ने हर विकासखण्ड में स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स निर्माण का निर्णय लिया। भोपाल में 985 करोड़ रुपये से अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का निर्माण प्रगतिरत है। वर्तमान में 111 स्टेडियम/खेल प्रशिक्षण केन्द्र निर्मित हैं, जबकि 56 खेल स्टेडियम/प्रशिक्षण केन्द्र निर्माणाधीन हैं। सरकार ने खेल को शिक्षा से जोड़ते हुए सतना में स्पोर्ट्स कॉलेज और सिंथेटिक ट्रेक बनाने का निर्णय लिया है। साथ ही वन डिस्ट्रिक्ट-वन स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स के अंतर्गत प्रदेश के सभी जिलों में खेल स्टेडियम बनाने का निर्णय भी राज्य शासन द्वारा लिया गया है। यही नहीं पुलिस में स्पोर्ट्स कोटा निर्धारित कर प्रतिवर्ष 10 सब इंस्पेक्टर एवं 50 कांस्टेबल को नियुक्ति देने का कार्य भी किया जा रहा है।
प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में कृषि विषय एवं विश्वविद्यालयों में पायलेट ट्रेनिंग कोर्स शुरू होगा। उज्जैन के इंजीनियरिंग कॉलेज में आईआईटी का सेटेलाइट कैम्पस शुरू किया जा रहा है। भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, इंदौर, उज्जैन और रीवा के 6 विश्वविद्यालयों में इन्क्यूबेशन केन्द्रों की स्थापना का निर्णय भी राज्य सरकार द्वारा लिया गया है। कौशल विकास एवं एमर्जिंग ट्रेड्स के दृष्टिगत एआई, मशीन लर्निंग, कोडिंग आधारित शिक्षा उपलब्ध करायी जायेगी। वर्तमान में कुल 268 शासकीय आईटीआई संचालित हैं। इस वर्ष 22 नये आईटीआई प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है। इसी के साथ 5280 अतिरिक्त सीट की वृद्धि होगी। देवास, छिंदवाड़ा एवं धार को ग्रीन स्किलिंग आईटीआई में विकसित कर सोलर टेक्नीशियन एवं इलेक्ट्रिक व्हीकल, मैकेनिक पाठ्यक्रम प्रारंभ करने का भी निर्णय लिया गया है।
राज्य सरकार का उद्देश्य खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा खेल अकादमी के माध्यम से चिन्हित, प्रतिभावान खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का खेल प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाना है। प्रदेश में अब तक 18 खेलों की 11 अकादमियाँ स्थापित की गयी हैं। खेल अधोसंरचना निर्माण/विकास तथा उपलब्ध अधोसंरचना के संचालन एवं संधारण में अब तक विभिन्न 4 श्रेणियों के 107 खेल अधोसंरचना परिसर तैयार हैं। राज्य सरकार द्वारा परफार्मेंस, स्पोर्ट्स एवं कम्युनिटी स्पोर्ट्स पर भी कार्य किया जा रहा है। मध्यप्रदेश के खिलाड़ी शूटिंग, घुड़सवारी, हॉकी एवं वॉटर स्पोर्ट्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। इन खेलों के खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय एक्सपोजर दिया जायेगा। खेलों की मूलभूत सुविधा युवाओं को अपने आसपास ही उपलब्ध हो, इसके लिये कम्युनिटी स्पोर्ट्स को बढ़ावा दिये जाने का काम किया जा रहा है। वर्तमान में खिलाड़ियों के प्रदर्शन में स्पोर्ट्स साइंस एवं फिटनेस का महत्वपूर्ण योगदान है। प्रदेश में स्पोर्ट्स साइंस को बढ़ावा दिया जा रहा है। नाथू बरखेड़ा भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के स्पोर्ट्स साइंस सेंटर की स्थापना भी की जा रही है। शासन के सीमित वित्तीय संसाधनों को दृष्टिगत रखते हुए खेल अधोसंरचना का निर्माण एवं उपलब्ध खेल अधोसंरचना को पीपीपी मॉडल से किया जा रहा है।
नवाचार की दिशा में प्रत्येक जिले में कोई न कोई खेल लोकप्रिय होता है। उस खेल को केन्द्रित कर सभी आवश्यक संसाधन संबंधित जिले में उपलब्ध कराने पर भी काम किया जा रहा है। युवाओं को फिटनेस के प्रति जागरूक करने के लिये प्रत्येक विधानसभा में आउटडोर जिम स्थापित करने की भी योजना है।
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