वैद्यों के परम्परागत ज्ञान को सहेजने की आवश्यकता : आयुष मंत्री परमार

भोपाल
उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने कहा कि वैद्यों के परम्परागत ज्ञान को, शोध के आधार पर युगानुकुल परिप्रेक्ष्य में दस्तावेजीकरण करने की आवश्यकता है। इसके लिए प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों सहित समस्त क्षेत्रों में पीढ़ी दर पीढ़ी कार्य कर रहे पारम्परिक वैद्यों का, प्रदेशव्यापी पंजीयन कर उनके ज्ञान को सहेजने के लिए आवश्यक कार्य योजना बनाएं। मंत्री श्री परमार मंगलवार को मंत्रालय में आयुष विभाग की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में प्रमुख सचिव आयुष श्री डी.पी. आहूजा, आयुक्त आयुष श्रीमति उमा आर. माहेश्वरी और अपर सचिव आयुष श्री संजय कुमार मिश्र सहित विभिन्न अधिकारीगण शामिल थे।

आयुष मंत्री श्री परमार ने विभाग के अंतर्गत संचालित संस्थाओं में मानव संसाधनों की जानकारी प्राप्त कर, रिक्त पदों की पूर्ति प्रक्रिया नियत समयावधि पर पूर्ण करने को कहा। उन्होंने अनुकम्पा नियुक्ति सम्बंधी लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश भी दिए। लोक सेवकों की सीआर ऑनलाइन करने, विभागीय जांच एवं न्यायालयीन प्रकरणों को यथाशीघ्र निराकरण करने को कहा।

श्री परमार ने कहा कि निजी आयुष महाविद्यालयों के शिक्षण शुल्क का पारदर्शितापूर्व पूर्ननिर्धारण कर ताकि विद्यार्थियों को प्रवेश के समय कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। मंत्री श्री परमार ने आयुष महाविद्यालयों में शैक्षणिक एवं अकादमिक कैलेंडर का दृढ़ता से पालन करने के लिए और विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं के परीक्षण के लिए व्यापक कार्य योजना के साथ क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग अंतर्गत संचालित संस्थाओं की गुणवत्ता वृद्धि के लिए संसाधनों की पूर्ति, निर्माण एवं सुधार कार्यों के लिए वास्तविक आवश्यकता अनुरूप उपलब्ध बजट का उपयोग सुनिश्चित करें। मंत्री ने कहा कि निर्माण एजेंसी के साथ नियमित बैठक कर विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करें।

आयुष मंत्री श्री परमार ने राष्ट्रीय आयुष मिशन अंतर्गत किए जा रहे निर्माण कार्यों की सराहना भी की। उन्होंने यूनानी फार्मेसी भोपाल एवं आयुर्वेद फार्मेसी ग्वालियर की क्षमता वृद्धि के लिए मानव संसाधन, भवन उन्नयन, उपकरण एवं मशीनरी आदि की उपलब्धता नियत समयावधि पर सुनिश्चित करने को कहा। मंत्री श्री परमार ने कहा कि प्रदेश के समस्त आयुर्वेद महाविद्यालयों में फार्मेसी एवं औषधीय उद्यान विकसित करने के लिए व्यापक कार्य योजना के साथ क्रियान्वयन करें। उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों में पाई जाने वाली दुर्लभ औषधियों के दस्तावेजीकरण करने को कहा। उन्होंने प्रदेश के समस्त आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में पदस्थ मानव संसाधनों के उन्मुखीकरण एवं प्रशिक्षण के साथ, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का एनएबीच प्रमाणीकरण करने के लिए व्यापक प्रयास करने को भी कहा। उन्होंने महाविद्यालयों एवं चिकित्सालयों में ओपीडी एवं आईपीडी को ऑनलाइन करने सहित आवश्यक सुधार को लेकर भी कार्य योजना तैयार करने को कहा। मंत्री श्री परमार ने समस्त आयुष महाविद्यालयों एवं चिकित्सालयों को लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा फर्स्ट रेफरल यूनिट के रूप में अधिमान्यता प्राप्त किए जाने के लिए सार्थक प्रयास करने को कहा। उन्होंने यूनानी चिकित्सा शिक्षा को हिन्दी भाषा में अध्ययन की सुविधा प्रदान करने के लिए, यूनानी पाठ्यक्रमों का हिन्दी भाषा में शीघ्र अनुवाद सुनिश्चित कर, हिंदी में पाठ्यक्रम की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

 


Warning: Attempt to read property "display_name" on bool in /home/u300579020/domains/padmavatiexpress.com/public_html/wp-content/plugins/userswp/widgets/authorbox.php on line 147

Warning: Attempt to read property "ID" on bool in /home/u300579020/domains/padmavatiexpress.com/public_html/wp-content/plugins/userswp/widgets/authorbox.php on line 148

Warning: Attempt to read property "user_nicename" on bool in /home/u300579020/domains/padmavatiexpress.com/public_html/wp-content/plugins/userswp/widgets/authorbox.php on line 169

Warning: Attempt to read property "user_registered" on bool in /home/u300579020/domains/padmavatiexpress.com/public_html/wp-content/plugins/userswp/widgets/authorbox.php on line 170

Warning: Attempt to read property "user_url" on bool in /home/u300579020/domains/padmavatiexpress.com/public_html/wp-content/plugins/userswp/widgets/authorbox.php on line 171
Author:

यह भी पढ़ें