नई दिल्ली
दक्षिण कोरिया और अजरबैजान के पैसेंजर प्लेन के क्रैश होने की घटना ने हिलाकर रख दिया था. कभी पक्षी के टकराने, कभी तकनीकी खराबी या कभी खराब मौसम होने की वजह से दुनियाभर में प्लेन हादसे होते रहे हैं.
विमान हादसों पर नजर रखने वाली संस्था एविएशन सेफ्टी की रिपोर्ट के मुताबिक, 2023 में दुनियाभर में 109 विमान हादसे हुए थे, जिनमें 120 लोगों की मौत हुई थी. इस हिसाब से हर महीने औसतन 9 विमान हादसे हुए जिनमें 10 लोगों की मौत हुई. एविएशन सेफ्टी के मुताबिक, पिछले साल सबसे ज्यादा 34 विमान हादसे अमेरिका में हुए थे.
विमान हादसों पर नजर रखने वाली संस्था एविएशन सेफ्टी के आंकड़ों के मुताबिक, 2017 से 2023 के बीच दुनियाभर में 813 प्लेन क्रैश हो चुके हैं. प्लेन क्रैश की 813 घटनाओं में 1,473 यात्रियों की मौत हो चुकी है. सबसे ज्यादा विमान हादसे लैंडिंग के दौरान होते हैं. इन सात साल में लैंडिंग के दौरान 261 हादसे हुए हैं. उसके बाद 212 हादसे उड़ान के दौरान ही हुए हैं. इसी दौरान भारत में 14 हादसे हुए हैं.
एविएशन सेफ्टी की मानें तो सबसे ज्यादा विमान हादसे टेक ऑफ के दौरान और फिर लैंडिंग के दौरान होते हैं. पिछले साल 109 ऐसी दुर्घटनाएं हुई थीं, जिनमें से 37 टेकऑफ और 30 लैंडिंग के दौरान हुई थीं.हर साल दुनियाभर में सैकड़ों विमान हादसे होने के बावजूद हवाई सफर को सबसे सेफ माना जाता है.
आंकड़े देखें तो बीते 7 साल में हर साल औसतन 200 विमान हादसे हुए हैं. और सालभर में ही सैकड़ों से ज्यादा लोगों की जान गई है. लेकिन इसके बावजूद भी फ्लाइट के सफर को सबसे सुरक्षित माना जाता है.
फिर भी सबसे सेफ मानी जाती है हवाई यात्रा!
फ्लोरिडा की एम्ब्री-रिडल एयरोनॉटिकल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर एंथनी ब्रिकहाउस ने सीएनएन को बताया कि हवाई सफर ट्रांसपोर्टेशन का सबसे सुरक्षित साधन है. उन्होंने कहा, 38 हजार की फीट की ऊंचाई पर उड़ना, जमीन पर ड्राइव करने से ज्यादा सुरक्षित है.
इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) की रिपोर्ट की मानें तो 2023 में दुनियाभर में 3.7 करोड़ से ज्यादा विमानों ने उड़ान भरी थी. इसके बावजूद कुछ ही हादसों में लोगों की जान गई. पिछले साल नेपाल में एक विमान क्रैश हुआ था, जिसमें 72 लोग मारे गए थे. बता दें कि आईएटीए हर साल फ्लाइट सेफ्टी पर रिपोर्ट जारी करता है.
IATA की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि 12.6 लाख विमान उड़ान भरते हैं, तब एक दुर्घटना होती है. IATA का दावा है कि जब कोई व्यक्ति 1,03,239 साल तक हर दिन विमान में सफर करेगा, तब जाकर कोई एक दिन ऐसा आएगा जब उसे घातक दुर्घटना का सामना करना पड़ेगा.
कुछ साल पहले मैसाचुएट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के प्रोफेसर अर्नॉल्ड बार्नेट ने भी फ्लाइट सेफ्टी पर एक रिपोर्ट की थी, जिसमें दावा किया गया था कि 2018 से 2022 के बीच अगर 1.34 करोड़ यात्रियों ने हवाई सफर किया है तो उनमें से सिर्फ 1 को ही मौत का खतरा है.
कब हुआ था दुनिया का पहला विमान हादसा?
एयर ट्रैफिक के इतिहास पर नजर डालें तो 15 जून 1785 को फ्रांस के विमरेक्स के पास रॉजियरे एयर बैलून का हादसा पहली बार जानलेवा साबित हुआ था. इस हादसे में रॉजियरे एयर बैलून के आविष्कारक जीन फ्रैकुआ पिलैत्रे डी रॉजियरे की मौत हो गई थी. जबकि पावर्ड एयरक्राफ्ट का पहला हादसा 17 सितंबर 1908 को हुआ था जब अमेरिका के वर्जिनिया में मॉडल-ए एयरक्राफ्ट क्रैश कर गया था. इसमें इस विमान के सह-आविष्कारक और पायलट घायल हो गए थे जबकि सहयात्री की मौत हो गई थी.
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